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दक्षिण-पश्चिम मानसून के 21 जून 2020 तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं,

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 21 जून 2020 तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं,

इसके बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ
अनुकूल होने की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून के 25 जून 2020 के आसपास हरियाणा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में पहुंचने की संभावना

मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) का कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो,
फतेहपुर और बहराइच से होकर गुजरना जारी

अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान में लू से भीषण लू चलने की संभावना

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के अनुसार:

  1. अनुकूल मौसम विज्ञान-संबंधी परिस्थितियों के तहत, पिछले सप्ताह (11वें-16वें) के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून में निरंतर प्रगति हुई थी और इस अवधि के दौरान, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत, पश्चिम के अधिकांश हिस्सों, मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुँच गया है। 16 जून 2020 को मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) अक्षांश.23 ° उत्तर / देशान्तर.60 ° पूर्व, कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर, बहराइच और अक्षांश.28 ° उत्तर / देशान्तर.8.5.5 ° पूर्व से होकर गुजरी और यह आज 18 जून 2020 तक समान स्थिति में रहा। (अनुलग्नक I)
  2. वर्तमान मौसम संबंधी परिदृश्य के कारण, दक्षिण पश्चिम मानसून की 21 जून 2020 तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। इसके पश्चात, दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में 22 से 24 जून 2020 तक आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होने की संभावना है
  3. दक्षिण पश्चिम मानसून के 25 जून 2020 के आसपास हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में पहुंचने की संभावनाएं बनी हुई हैं।
  4. दक्षिण पश्चिम मानसून की प्रगति के दौरान, 22 से 24 जून, 2020 के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पर्याप्त वर्षा से भारी वर्षा/गरज गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
  • इस दौरान, मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) का कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर और बहराइच से होकर गुजरना जारी है।
  • मध्य पाकिस्तान से मणिपुर तक के निचले ट्रोफोस्फेरिक स्तरों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और झारखंड एवं इससे सटे निचले क्षेत्रों और मिडट्रोपोस्फ़ेरिक स्तरों पर एक चक्रवाती दबाव बना हुआ है। इन परिस्थितियों के कारण होने वाले प्रभाव के तहत, आगामी 5 दिनों के दौरान ,पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। आज, 18 जून, 2020 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और मेघालय में भारी वर्षा होने की संभावना है। आगामी 5 दिनों के दौरान मध्य भारत में भी पर्याप्त से भारी वर्षा और पूर्व मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में पर्याप्त से भारी वर्षा होने की संभावना है।  
  • आगामी 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड (अलग-अलग क्षेत्रों में तेज गर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है) के अतिरीक्त उत्तर पश्चिम भारत में हलकी वर्षा/गर्जन के साथ छीटें पड़ने की संभावना है।
  • राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में निचले ट्रोपोस्फ़ेरिक स्तरों पर संभावित उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण,  आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान लू से भीषण लू चलने की संभावना है।

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