भगवान परशुराम जयंती पर पटौदी की हेड़ाहेड़ी गौशाला में श्रद्धा और राष्ट्रभावना का संगम, हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन

पटौदी (भारत जागरण न्यूज)। भगवान विष्णु के छठे अवतार, परशुराम जी के प्राकट्य दिवस पर पटौदी क्षेत्र की हेड़ाहेड़ी गौशाला में धार्मिक आस्था, गौसेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विकलांग और असहाय गायों की सेवा में समर्पित इस गौशाला में परशुराम जयंती को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शपथपूर्वक सर्वहित की कामना के साथ आहुतियां दीं। गौशाला के संचालक स्वामी राजगिरी महाराज ने भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें जय श्रीराम का पटका पहनाया और यज्ञ में आहुति दी।

इस अवसर पर आदर्श ब्राह्मण सभा पटौदी के अध्यक्ष श्री रामचंद्र भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन संपन्न करवाया। उन्होंने बताया कि समाज के उत्थान के लिए परशुराम जैसे आदर्शों को अपनाना आज के समय की आवश्यकता है।

स्वामी राजगिरी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा— "जिस प्रकार दूध के बिना गाय उपेक्षित हो जाती है, उसी प्रकार ज्ञानविहीन ब्राह्मण का भी समाज में कोई स्थान नहीं है। यदि ब्राह्मण मांस-मदिरा जैसी तामसिक प्रवृत्तियों में लिप्त हो जाए, तो वह भी गंदगी का हिस्सा बन जाता है। ब्राह्मण का वास्तविक स्वरूप है — शिक्षित होना, दूसरों को शिक्षित करना, यज्ञ करना और कराना, दान देना और लेना।"

इस धार्मिक आयोजन के दौरान कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भी गहरा शोक प्रकट किया गया। सभी उपस्थितजनों ने हमले में शहीद हुए जवानों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखा और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे:

हेड़ाहेड़ी गौशाला संचालक स्वामी राजगिरी महाराज

आदर्श ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष रामचंद्र भारद्वाज

विनोद शर्मा (पूर्व प्रधान)

विजय भारद्वाज (उपाध्यक्ष)

अशोक शर्मा, सुशील शास्त्री, वेद प्रकाश, सुरेश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग।

हवन यज्ञ में शामिल पुरोहितों को यथोचित दान-दक्षिणा प्रदान की गई और अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

भारत जागरण के लिए न्यूज़ आर्टिकल लिख देना

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्विस बैंक में भारतीय काला धन फिर चर्चा में: 2014 के मुकाबले तीन गुना बढ़ोतरी, सबसे ऊँचा स्तर

भारत की वैज्ञानिक परंपरा और महर्षि वराहमिहिर | A Spiritual-Scientific Insight by Swami Jyoti Giri

भारत-पाकिस्तान तनाव: 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एयर स्ट्राइक