परंपरागत कृषि पद्धति के साथ- साथ नई तकनीक अपनाकर अपनी आय व फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने शुरू किया प्रशिक्षण

उन्नत तकनीक से सब्जी की खेती के लिए प्रशिक्षण देने के लिए बागवानी विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित, 28 मई अंतिम तिथि

प्रशिक्षण प्राप्त कर परंपरागत कृषि पद्धति के साथ- साथ नई तकनीक अपनाकर अपनी आय व फसल का उत्पादन बढ़ाएं जिला के किसान: डीसी

गुरुग्राम, 26 मई।
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिला के किसान परंपरागत कृषि पद्धति के साथ- साथ नई तकनीक अपनाकर कैसे अपनी आय व फसल का उत्पादन बढ़ा सकते है। इसी लक्ष्य के मद्देनजर करनाल के उचानी में स्थित उद्यान प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रदेश के किसानों को उन्नत तकनीक के माध्यम से सब्जी की खेती का प्रशिक्षण देने के लिए 28 मई तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा उद्यान प्रशिक्षण संस्थान द्वारा किया जा रहा है। जिसमें हरियाणा राज्य के सभी जिलों के किसान  उद्यान विभाग की वेबसाइट http://kaushal. hortharyana.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष व अधिकतम 60 वर्ष होनी चाहिए। प्रशिक्षणार्थियों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। डीसी ने बताया कि रजिस्टर्ड किसान अपने जरूरी कागजात साथ लेकर जाएं। प्रशिक्षणार्थियों को बस किराया डीबीटी द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान ठहरने व खाने की व्यवस्था निशुल्क रहेगी। 
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि  सब्जी फसल उत्पादन की तकनीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 29 मई से 2 जून के बीच किया जाएगा इसके लिए किसान 28 मई सांय चार बजे तक आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि 5 दिन की रहेगी व प्रशिक्षणार्थियों की संख्या चालीस रहेगी। पूर्व में प्रशिक्षण ले चुके किसान पुनः समान विषयों पर पंजीकरण न करवायें।

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