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जिलापरिषद | ग्रामीण सिर्फ वोट बैंक नही, उनकी शिक्षा,स्वास्थ्य,स्वछता जैसी समस्याओं पर देंगे ध्यान- पर्ल चौधरी

गांव मैं विश्व स्तर की सुविधाओं के साथ सर्व समाज की शिक्षा,स्वास्थ्य,स्वच्छ्ता की सुरक्षा और प्रत्येक व्यक्ति के स्वाभिमान को बरकरार रखना हमारा कर्तव्य

धीरज शर्मा (गुरुग्राम) गुरुग्राम जिला परिषद वार्ड नंबर 9 की राजनीति दिलचस्प होती जा रही है जिसका फायदा भविष्य में क्षेत्र को मिलेगा कुछ समय के लिए किसी भी तरह से बराबरी का मुकाबला दिखाई नहीं दे रहा था और आमजन को चिंता थी कि इस वार्ड से जो विजेता होगा वह जिला परिषद चेयरमैन नियुक्त होगा परंतु एक तरफा इलेक्शन होने की वजह से योग्य उम्मीदवार की कमी खल रही थी जो अब खत्म होती दिखाई दे रही है क्योंकि यह मुकाबला अब एक तरफा न होकर दिन प्रतिदिन कड़ा होता जा रहा है जहां मैदान में दीपचंद की पुत्री दीपाली चौधरी,पूर्व विधयक की पुत्री पर्ल चौधरी व भाजपा प्रत्याशी मधु चौधरी जिसको वर्तमान विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने पूर्ण समर्थन दिया व अन्य प्रत्यासी है। साथ ही मौजूदा सांसद राव इंदरजीत के कार्यकर्ताओं की रणनीति भी भविष्य में दिलचस्प रहेगी।  सभी प्रत्याशी किसी न किसी रूप में छेत्र में विकास के वादे कर रहे है वहीं आज पर्ल चौधरी  अधिवक्ता सुप्रीमकोर्ट अपना नामांकन करने के बाद बातचीत में भविष्य में छेत्र के विकास की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में विकास के नाम पर वेयरहाउस तो बना है जिसमे हमारे नौजवान मजदूरी कर रहे हैं पर उनकी सोच को जंजीरों में जकड़ कर रख दिया है आज हम इसकी कल्पना क्यों नहीं कर पा रहे हैं कि हमारे क्षेत्र में कंपनियां स्थापित हो जिसमें मजदूरी करने वाले नौजवान किसी अन्य उच्च पद पर रहकर कार्य करें। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि प्रत्येक राजनेता, कवि, दार्शनिक ने यह कहा है कि भारत गांवों में बसता है परंतु मौजूदा परिवेश में गांव की समस्या पर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज भी गांव में शिक्षा स्वास्थ्य और स्वच्छता अधूरा दिखाई देता है अनेक स्थानों पर पीने का शुद्ध पानी तक मौजूद नहीं है इसके साथ ही पल चौधरी ने कहा कि वह सत्ता में आए या ना आए परंतु इन मुद्दों पर वह लगातार काम करती रहेंगी। आपको बता दे पर्ल चौधरी के पिता पूर्व विधायक भूपेंदर चौधरी का कार्यकाल को पटौदी के स्वर्णकाल के रूप में देखा जाता है और जहां सरकार के कार्य शुरू होने से पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगने शुरू हो जाते है वहीं भूपेंदर चौधरी के उस कार्यकाल में हुए कार्यो पर आज तक कोई भ्रटाचार के आरोप नही लगा सकता जिस पर पर्ल चौधरी ने उनके नक्से कदमो पर चलने का आस्वासन दिया।
अब देखना होगा कि वार्ड नं 9 में राजनीति का सिंघासन किसके कब्जे में आता है।

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