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15 घंटे तक सुलगती पटौदी स्टेशन पर गुड्स ट्रेन की आग बुझायी गयी।


 भभकते केमिकल की गुड्स  ट्रेन   

पटौदी स्टेशन पर रात को गुड्स ट्रेन में बुझायी गई आग

गुजरात से रवाना होकर जा रही थी गाजियाबाद के लिए

58 खुले डिब्बों में से भभकते 3 डिब्बे पटौदी स्टेशन छोड़े

डेढ़ दर्जन से अधिक पहुंची फायर ब्रिगेड,  ट्रेन   सुबह रवाना

फतह सिंह उजाला
पटौदी।
 भभकते केमिकल के डिब्बों से भरी गुड्स  ट्रेन   में सुलगती आग को बीती मध्य रात्री में पटौदी रेलवे स्टेशन पर बुझाकर, एक बड़े हादसे को टाल दिया गया। यह गुड्स  ट्रेन   गुजरात से रवाना होकर गाजियाबाद के लिए जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक खुले 58 डिब्बों में कोयले की राख के जैसा केमिकल - मिक्सर   भरा हुआ था। सूत्रों की माने तो उक्त केमिकल रींगस स्टेशन के आसपास में ही अचानक भभकना आरंभ हो चुका था, इसी बीच में गुड्स  ट्रेन   के डिब्बों से धुआं  पीछले स्टेशन पर देखा गया तो, सूचना मिलने पर गुड्स  ट्रेन   को पटौदी स्टेशन पर रोक कर, एसएस युनूस खान ने स्थानीय जीआरपी चैकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह के साथ ही फायर कंट्रोल रूम में घटना के बारे में सूचना दी। इसके साथ-साथ संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया।

इस गुड्स  ट्रेन   को पटौदी स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर रोकने के साथ ही सबसे पहले पटौदी फायर बिग्रेड स्टाफ पहुंचा, मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के फायर ब्रिगेड स्टेशन पर सूचना देकर अन्य गाड़ियां भी मौके पर मंगवाई गई। घटना की पहली सूचना बीती रात करीब 9 बजे दी गई, इसके बाद में एक के बाद एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी आती रही और सुलगते केमिकल को बुझाने के लिए जैसे ही पानी डालना शुरू किया तो भभका और भी अधिक फैलने लगा। बीती रात को करीब एक बजे के बाद में सुलगते तीन केमिकल के डिब्बों की आग शांत कर फायर फाइटर स्टाफ रवाना हो गया तथा यह 58 डिब्बों की गुड्स  ट्रेन   पटौदी स्टेशन पर ही खड़ी रही।

गुरूवार को सुबह एक बार फिर से गुड्स  ट्रेन   के केमिकल के सुलगते डिब्बों से धुआं निकलता देखकर स्थानीय रेवले स्टेशन अधिकारियों के द्वारा जीआरपी चैकी प्रभारी भपेंद्र सिंह, गुरूग्राम जीआरपी थाना प्रभारी परमानंद सहित रेलवे के टीआई व अन्य अधिकारियों को घटना के बारे में अवगत कराया गया। इसी बीच में एएफओ सुनील अदलखा भी घटना स्थल पर पहुंच लिये। यहां सारे हालात और भभकते केमिकल के कारण गुड्स  ट्रेन   के तीनों डिब्बों के अधिक फैल जाने अथवा चैड़ा हो जाने से इन्हें गुड्स  ट्रेन   के बीच से काटने अथवा हटाने का फैंसला किया गया और सीमेंट के जैसे हो चुके भभकते केमिकल के तीनो डिब्बों को पटौदी स्टेशन के प्लेटफार्म तीन व  ट्रेन लाइन चार पर खड़ा कर दिया जाने के बाद इस केमिकल गुड्स  ट्रेन के 55 डिब्बों को आगे के लिए गुरूवार करीब 12 बजे रवाना कर दिया गया।

हो सकता था बड़ा हादसा
गुड्स  ट्रेन   के डिब्बों में सुलगते केमिकल के कारण तथा पानी डाला जाने के बाद में तीनो डिब्बों में एक तो वजन कई गुणा अधिक हो गया, साथ ही यह तीनो डिब्बे भी आकार-प्रकार में फैल चुके थे। रेलवे के ही सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्रभावित तीनों ही डिब्बे एक प्रकार से अंसुलित हो चुके थे, ऐसे में यदि इन डिब्बों को गुड्स  ट्रेन   से काटकर हटाये बिना रवाना कर दिया जाता तो बीच रास्ते में कहीं भी या रेलवे   ट्रेक की कैंची पर हादसे की किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

15 घंटे बाद भी देखा गया धुंआ
गुजरात  से गाजियाबाद के लिए जा रही , पटौदी स्टेशन पर रोकी गई केमिकल से भरी गुड्स  ट्रेन   के सुलगते केमिकल को बुधवार रात को बुझाने के बावजूद , गुरूवार को सुबह फिर से सुलगता और धुआं निकलता देखा गया। पटौदी स्टेशन अधिकारियों की सूचना पर जीआीपी अध्रिकारी परमानंद, भपेंद्र सिंह, जिला सहायक अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार अदलखा व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा गुड्स  ट्रेन   के डिब्बों में भरे और सुलगने के बाद के केमिकल का मुआयना करते हैरानी भी जाहिर की , कि इतने लंबे अरसे बाद भी यह कथित कोयले का डस्ट जैसा केमिकल नीचे ही नीचे सुलग रहा है। इसके बाद में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कथित कंडम-नकारा तीनो डिब्बों को गुड्स  ट्रेन   से अलग कर पटौदी स्टेशन पर ही छोड़ दिया गया है।


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